हेलो दोस्तों मेरा नाम राधा है जैसे की आपको पता है मैं अभी कुछ महीने पहले अपने गाँव गई थी एक शादी में ,

मैं ओर मेरा बेटा ही गए थे शादी में , १० से १५ दिन वहा ही रुकी थी . सब जगह से मेहमान आये थे दूर दूर के रिश्तेदार आये हुए थे .मेरी एक बुआ है उसका लड़का अपने एक दोस्त के साथ आया था .लगभग २६ साल का होगा ,दिखने में अच्छा था गोरा नारा .शादी का महोला था नाच गाना सब चल रहा था , मैं भी खूब नाच रही थी बुआ का  लड़का ओर उसका दोस्त भी खूब नाच रहे थे ,बुआ का लड़का मेरे साथ नाच रहा था फिर उसने अपने दोस्त से मिलाया .उसने नमस्ते किया फिर हम तीनो खूब नाचे मस्ती की ,वो पूरा दिन उसी में निकल गया ,


बुआ के लड़के से मेरी अच्छी जमती थी , हँसी मजाक चलते रहता था कुछ  मार्किट से मंगवाना हो उसी को कहती थी ,एक दिन कुछ सामान लेने मुझे बाज़ार जाना था , बुआ के लड़के जिसका नाम सूरज था ओर उसके दोस्त का नाम साकेत था , सूरज को बोली चल मेरे साथ बाज़ार मुझे कुछ लेना है , वो बोला मुझे दूसरा काम है आप साकेत के साथ चले जाओ . वो ले जायेगा मैं बोली ठीक है ,वो बाइक  लेकर आया .मैं पीछे बैठ गई ,फिर दोनों बाज़ार के निकल लिए . रास्ते में हमारी बात चित होने लगी ,मैं पूछी क्या करते हो ,वो बोला कॉलेज कर रहा हूँ करके .मुझसे पूछा आप कहा रहते ,मैं बोली रायपुर रहती ,अपने बेटे के साथ ,पति ओडिशा में काम करता है बताई ,



हम लोगो ने बहुत बातें की बाज़ार का काम भी हो गया उससे अच्छी पहचान भी हो गई ,बाइक में बिच बिच में मेरे बूब्स उसके कंधे से टकरा रहे थे  मुझे तो अच्छा लग रहा था  उससे भी एहसास हो रहा था थोडा थोडा ,घर पहुचे उसको मैंने धन्यवाद दिया ,रात को वो दोनों ड्रिंक करने की बात कर रहे थे .मैं भी सुन ली ओर उनसे बोली की मेरे लिए भी एक बियर लेकर आना .वो बोले ठीक है पर आपको हमारे साथ भी बैठना पड़ेगा .मैं बोली ठीक है .वो सब सामान ले आये ओर छत में बैठने का तय हुआ ,मैं भी निचे का काम निपटा कर ऊपर छत में उनके पास चले गई .
फिर हम सब पीना सुरु किये बात किये बहुत सारी ,साकेत मेरे बगल ही बैठा था ,सबको थोड़ी थोड़ी चढ़ गई थी ,मैं तो बहुत दिन बात पी थी तो मुझे ज्यादा ही चढ़ गई थी .बार बार मेरा हाथ बात करते करते साकेत के जन्घो में रख देती वो भी स्माइल  कर देता था ,एक बार मेरा हाथ गलती से उसके लंड के पास चला गया ,उसका खड़ा हो गया था ,मैं बात करते करते उसके लंड को  पकड़ ली थी , बहुत मोटा लगा उसका लंड ,


सूरज टॉयलेट करने निचे गया , तो मेरे मुह से निकल  गया साकेत तुम्हारा बहुत बड़ा है करके ,मैं नशे में तो थी ,पर उसका लंड को हाथ में लगने के बाद मेरा सेक्स का मन होने लगा था ,वो शर्मा गया वो बोला उतना बड़ा भी नहीं है करके .बस आपका हाथ बार बार जन्घो में रखने की वजह से खड़ा हो गया था ,मैं बोली होता है  फिर वो मेरा नंबर माँगा मैं भी नशे में दे दी ,फिर मुझे नींद आ रही थी तो निचे चले गई उसको बाय बोलकर.,

अगले दिन सुबह उसका गुड मोर्निंग का मसेज आया हुआ था मैं भी रिप्लाई भेज दी..दिन भर काम में निकल गया रात को 12 बजे उसका मेसेज आया ,आप कहा हो करके मैं बोली सो रही निचे रूम में .वो  बोला मुझे नींद नहीं आ रही  क्या आप आ सकते हो मैं छत में सिगरेट पि रहा .मैं  पूछी सूरज तो नहीं है वो बोला वो सो रहा ,मैं अकेले हूँ कुछ बात करनी है आप आ जाओ ,फिर मैं गई छत .उसको बोली क्या हुआ वो बोला कल जो आप कहे ओर आपने मेरा लंड पकड़ लिया था उस वजह से ,मैं सोच सोच क सो नहीं पा रहा .आप बुरा मत मन्ना पर आप बहुत सेक्सी ओर हॉट हो आपका फिगर बहुत अच्छा है .मेरा लंड अभी भी खड़ा हुआ है .मैं बोली दिखाओ निकल के .वो बोला सच्ची मैं बोली हां ,उसने लोअर निचे किया ओर अपना लंड निकल के दिखाया उफफ्फ्फ्फ़ गोरा ओर मोटा था बहुत .मेरी चूत मचल गई उसको देखते ही .मैंने उसके लंड को हाथ से पकड़ लिया वो अपनी आंख बंद करके मदहोश हो रहा था मैं फिर उसके लंड को मसलने लगी  उसका लंड पूरा खड़ा हो गया था बहुत हार्ड .वो बोला आज तक सेक्स नहीं किया है करके .पहली बार किसी लेडिस ने हाथ में पकड़ा है मैं उसके लंड को जोर  जोर से हिलाने लगी .वो पूरा मदहोश हो चूका था .तभी लगा की कोई आ रहा  मैं बोली मैं जा रही ,वो बोला प्लीज् रुक जाओ निकल के  जाओ ,.फिर मैं निचे आ गई .

फिर दुसरे दिन से रोज रात को मोबाइल में गन्दी गन्दी बात सुरु हो गई ,अपने लंड की पिक भेजते रहता था ,

वो बोला की मुझे आपके साथ सेक्स करना है अगर आपको एतराज न हो तो ,मेरा भी मन तो था उससे चुदवाने का .जगह ओर मोका की कमी थी ,एक  रात  मैं रूम में अकेले ही सो रही थी बेटा  कही ओर सो गया था ,मेरा रूम भी बाकी रूम  से थोडा अलग तरफ था , मैं सोची आज अच्छा मोका है .साकेत को १ बजे मेसेज की  क्या तुम मेरे रूम आ सकते हो अभी ,उसका तुरंत रिप्लाय आया हाँ अभी सोया नहीं हूँ , मैं बोली मेरी एक शर्त है तुम्हे मेरी चूत को चाटना होगा जब तक मैं बस न करूँ तभी तुमसे चुद्वौंगी ,वो बोला जैसे आप बोलो वैसे ही करूँगा ,साकेत को बोली आओ फिर मेरे रूम जल्दी , थोड़ी देर बाद वो आ गया ,उसको जल्दी से रूम में अन्दर की ,,लोअर से उसका लंड पूरा खड़ा हुआ दिख रहा था वो पुरे जोश में था .वो बोला क्या करना है बताओ  मुझे  मैं बोली तुम अपने कपडे उतर दो सिर्फ  अंडरवियर में आ जाओ .वो अपने कपडे उतर कर सिर्फ अंडरवियर में आ  गया ,उसका मोटा लंड बहार निकलने को बेताब था ,मैं भी अपने नाईटी निकल कर सिर्फ ब्रा पेंटी में आ गई वो  देख के पागल हो रहा था मेरे पास आकार मेरे पेट को चूमने लगा उम्म्मम्म उफ्फ्फफ्फ्फ्फ़ ,सब तरफ चूमने लगा मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था .मैं भी मदहोश हो रही थी .मेरी चूत को ऊपर से चाटने लगा उम्म्म्मम्म्म धीरे से मेरी पेंटी उतर दिया ,मैं अपनी चूत को पेंटी से साफ़ की ओर  निचे बिस्तर में टांगे खोल कर लेट गई उसको बोली मेरी चूत चाटो अब ...उसे जैसे ही जीभ से चूत को चाटना सुरु किया मैं पागल हो उठी मेरे शरीर में करंट  दोड़ने लगा उम्म्म्मम्म्म उफ्फ्फ्फफ्फ़ .

बहुत दिन से मेरी चूत प्यासी थी .जीभ डाल डाल के मेरी चूत को खूब चाट रहा था .जीभ से ही मेरी चूत को चोद रहा था आआअह्ह्ह मर गई मैं तो ,उसका सर पकड़ के चूत में मसल रही थी . वो पागलो की तरह मेरी चूत को चाट रहा था .मैं भी अपनी चूत को धक्के देकर उसके मुह में घुसा रही थी आआआआअ ,वो पूरा नंगा हो गया था .मैंने भी अपनी ब्रा खोल दी थी  उसका एक हाथ मेरे बूब्स को मसल रहा था ,दोनों मदहोश थे ,दोनों को मज़ा आ रहा था मेरी चूत पानी छोड़ रही थी गीली हो गई थी वो पानी को पि जा रहा था ..उम्मम्म .मैं भी पूरी जोश में आ गई थी .उसको ऊपर खिची ओर उसको किस करने लगी ,वो भी जोश से मुझे किस कर रहा था एक दुसरे के होंठो को कट रहे थे जीभ से जीभ टकरा रहे थे ,मेरे बूब्स को चूसने लगा काटने लगा उम्मम्म्म्म आआअह्ह्ह बस अब उसका लंड चाहिये था मुझे अपने चूत में .मेरी चूत बेचैन थी उससे चुदवाने के लिए ,मैं बोली साकेत अब रहा नहीं जा रहा चोदो मुझे .उसने अपना लंड मेरी चूत में धीरे से डाला आआआह्ह्ह  उम्मम्म्म्म मस्त मोटा लंड था लंड घुसते ही मेरी चूत तड़प उठी  ,धीरे धीरे  लंड को आगे पीछे करने लगा . उसका लंड जैसे आगे पीछे होता मैं पागल ओर मचल जाती ,,उसका अपने ऊपर काश के पकड़ के धक्के दे रही थी ,किस  करते हुए वो मुझे पागलो की तरह चोदे जा रहा था ,मैं भी उसका  साथ जोश से दे रही थी .,फिर मैं बोली तुम्हारे गोदी में बैठकर चुद्वौंगी ,वो बोला ठीक है ,उसके गोदी में बैठकर चुदवाने लगी वो मेरे बूब्स को चूस कर मुझे  चोदे जा रहा था मुझे बहुत अच्छा लग रहा था उसको भी मज़ा आ रहा था ,कुछ देर बाद उसका पानी निकल गया मेरी चूत के अन्दर .उसके बाद भी वो धक्के मर रहा था .एक एक बूंद अपने पानी  का वो मेरी चूत में छोड़ दिया ,,फिर हम दोनों एक दुसरे को किस करते हुए लेटे रहे ,रात के ढाई बज गए थे चुदाई करते करते .मैं भी संतुस्थ  हो गई थी ओर वो तो हो ही गया था ,वो बोला आपके साथ सेक्स करके बहुत अच्छा लगा . मैं बोली सूरज को इस बारे से मत बताना , वो बोला ठीक है ,मैं बोली अब जब तक यहाँ  है ऐसा मोका जब भी मिलेगा .तुमसे चुदवा लुंगी .शादी खत्म होने तक उससे दो तीन बार ओर चुदवाई .एक दो बार उसका लंड भी चुसी  वो पागल हो गया था ,शादी ख़त्म होने के बाद मैं रायपुर आ गई वो भी वापस चला गया ,कॉल करता है कभी कभी .रायपुर आऊंगा कह रहा था मैं मन की अभी पति है करके ....


तो दोस्तों ऐसी थी अभी की मेरी चुदाई की कहानी , कैसी लगी कमेंट में जरुर बताना ,ओर बताना कहानी पढ़ते वक़्त  आपका लंड खड़ा हुआ या नहीं ☺☺

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